काला जादू पान वशीकरण प्रयोग

काला जादू पान वशीकरण प्रयोग
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काला जादू पान वशीकरण प्रयोग

ऐसा माना जाता है की बुरे समय में बुरा भी करके समय से बाहर निकल आना ही हमारा कर्त्तव्य और धर्म होता है। इस बात की पुष्टि करने के के लिए हमारे पुरखों ने कितने ही मुहावरे और लोकोक्तियाँ, कहावतें और बातें कहीं हैं। उन्हीं में से एक है की समय आने पे अगर घी उंगली से ना निकले तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है. जब काम मुश्किल हो  – प्यार और जंग में, सब कुछ चलता है आदि।

काला जादू पान वशीकरण प्रयोग
काला जादू पान वशीकरण प्रयोग

इसी तरह जब आपके कहे की मान्यता नहीं रह जाती, जब आप पाते हैं की लोग आपको परेशान कर रहे हैं। आपकी बात नहीं मानते, धिक्कारते हैं, डिसिप्लिन तोड़ देते हैं। तब आप हमारे बताये हुए वशीकरण प्रयोग को अपनाये। काला जादू बहुत ही तेज़ और अत्यंत आविष्कारी होता है। लोग चाहे जानकर इस प्रयोग को इस्तेमाल करें या परिस्थिति के आपे में करें, सफल ज़रूर होंगे।

अकारण संकट पड़ने पर, आपातकालीन स्थिति आने पर तथा समय के साथ न चल पाने पर आप हमारे द्वारा बताये गए तरीके को अपनाएं और देखें की कैसे आपके लिए सारे रास्ते खुलते चले जाएंगे।

अगर आप निराश हैं, परेशान हैं, व्याकुल हो उठे हैं, ज़िंदगी से रिश्तों के कारण हार मान चुके हैं तो फिर आप हमारे बताये हुए तरीके को अपना कर देखें, आप अवश्य ही सफल होंगे। अगर आप किसी कारण हम पर भरोसा नहीं कर पा रहे तो फिर ऐसा करें की आप हमारे बताये हुए उपाय को किसी बूढ़े बुज़ुर्ग से पूछ कर उसकी व्याख्या करवा लें, किसी ज्योतिषी से उसमें थोड़ा और युक्तियोंपूर्ण संधि लगा दें। आप पाएंगे की लोग आपकी बात मान लेंगे, ये उपाय अटूट और विश्वसनीय हैं। इनमें आप गलत नहीं जा सकते। आपको केवल भरोसा करके हमारे बताये उपाय को अपनाना होगा।

उपाय को शुरू करने वाले दिन सुबह सवेरे ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाएं – ३ या ४ बजे। फिर नहा लें और पूजा वाले कक्ष में प्रवेश करें, यहाँ पर मंगल भगवन के सामने धूप दीप जलाएं और आरती करें, अर्चना करें। हनुमान भगवन, बगलामुखी देवी या फिर दत्तात्रेय भगवन की भी पूजा ठीक मानी गयी है। इसके बाद मंदिर में प्रसाद चढ़ाएं। भुना छिलके वाला चना, मीठी मिठाई जैसे बेसन के लड्ड या फिर मोती चूर लड्ड या बूंदी चढ़ाएं, अगर घर में नहीं तो पास के मंदिर में साड़ी पूजा अर्चना करें। अब आप घर में आके या मंदिर के कक्ष में पान का पत्ता लेकर यह मंत्र बोलें –

“ श्री राम-नाम रबऐलइ अकनकबइरइ

सुनि-ये नारी बात हमारय

एक पान संग मंगा पान सेज सो लावं

मक पान मुख बुला हमक छोड़ और क देख तो-तेरा

कलेजा मुहम्म्द-वीर चक्खे “

 

इस मंत्र को पान लेकर कम से कम २१ बार बोलें, फिर इसी तरह तीन बृहस्तिपाती वार वाले दिनों को २१ बार मन्त्रित कर पान बना लें और अपने उस रिश्तेदार को खिला दें जिसे आप वशीभूत करना चाहते हैं।  आप पाएंगे के वह पहला पान खाने के बाद से ही आपकी बात मानने लगेगा, आपके तरफ ध्यान देगा या देगी और जैसा आप चाहेंगे वैसा ही होगा। यहाँ तक की अगर आप पान तीन बार खिला चुके होंगे तो अब तो आपकी बात माननी पक्की हो जाएगी।

किसी कारण अगर ऐसा नहीं होता और आप पाते हैं की लोग आप को परेशान कर रहे हैं तो आप ऐसा करें की हमारे बताये हुए अगले पर जुड़े हुए नुस्खे का प्रयोग करें।

पान खिलाने के बाद भी अगर काम नहीं बनता तो आप थोड़ी इलैची दाना लें, और सवेरे उठ कर किसी बृहस्तिपातिवार या फिर सोमवार को उसे अपनी बांह के निचे कपडे में बाँध कर रख लें। थोड़े देर में आपकी गंध उस इलैची में आ जायेगी, अब आप इसे लेकर किसी चाय या फिर मिठाई में मिला दें, कृष्ण भगवन की स्तुति करें और उनसे कृपा करके आपकी स्थिति में सुधार लाने की आस्था को बढ़ावा देने की गुज़ारिश करें।

अगर आप बहुत परेशान हैं तो इस सामग्री को ले जाकर मंदिर में भगवन के चरणों में रख दें। उनसे कहें की आप परेशान हैं, आप बहुत दिनों से कष्ट उठा रहे हैं, और बाहरी दुनिया के कष्ट देखने के बावजूद आपको अपने कष्टों के निवारण की चिंता रहती है। अगर आपके पास अकेले का समय है तो मंदिर में, भजन गायें, स्तुति करें, वंदना करें। इस मोह लोभ और माया से बहार निकलने की कामना करें।  आपके इस कार्य के बाद जब आप इस इलाइची को खाने में या चाय में परोस देंगे तब आप पाएंगे की लोग आपके वशीभूत होकर आपकी बात सुनेंगे, वे आपसे खुलकर अपने परेशानियां प्रस्तुत करेंगे। अपनी हर दिक्कत और शिकवा को छोड़ आप फिर अपने जीवन में मग्न हो पाएंगे। आपके जीवन में खुशाली की लहर दौड़ जाएगी और आप एक हष्ट पुष्ट नागरिक की तरह अपने जीवन में वापस लीन हो जायेंगे।

जब आप देखें की, और ऐसा बहुत मुश्किल से होता है, की आपका काम अब भी नहीं बन रहा तब आप ऐसा करें की थोड़ी सुपारी लें और उसे साबुत ही रखें, काटें नहीं। अब इसे मंदिर में ले जाकर भगवन के चरणों में चढ़ा दें और उसके परान्त जो आपके हृदय में आक्रोश या दर्द भरा हो उसे भगवन के प्रति शांत पूजा, अर्चना और स्तुति में सम्भोधित करें। अब इस सुपारी को घर ले आ कर पान के पत्ते में कत्था, चूना लगाकर अपने इस रिश्तेदार को खिला दें जिसे आप वशीभूत करने के व्याकुल हैं।

अगर आप का काम बन जाये तो भगवन को याद करके उनकी वंदना अवश्य करें, उन्हें रोज़ खुश होकर याद करें  और उनके गुण गान में भी कमी न करें। यदि अब तक भी आपका काम नहीं बना तो आप किसी अच्छे ज्योतिषी या किसी होनहार तांत्रिक के पास जाएं।  ये आपको सही विधि विधान और युक्तियाँ बताएँगे जो की अमल करके आपके इस धर्म संकट को दूर कर सकेंगी। तांत्रिक आपको कोई ऐसी साधना बता देगा जिसके करने पर आप रास्ते के कांटे को हटा पाएंगे और आसानी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ पाएंगे। इसी तरह अगर आप ज्योतिषी को प्रश्न और कुंडली द्वारा सही बात खुलकर बता पाएंगे तो वह भी विष्णु भगवन की तरह आपका भला कर देगा। युक्तियों से वह भी जीता जा सकता है जो बल से नहीं जीता जा सकता – यह पंचतंत्र और हितोपदेश जैसे पुराने संस्कृत काव्यांशों में भी लिखा पाया जाता है।