काला जादू काटने का मंत्र

काला जादू काटने का मंत्र
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काला जादू काटने का मंत्र

काला जादू काटने का मंत्र, मंत्र-तंत्र और काला जादू का असर बहुत ही प्रभावशाली होता है। ज्यादातर इसका प्रयोग वशीकरण और अपने मन मुताबिक कार्य सिद्धी या बदला लेने के लिए किया जाता है। वैसे काला जादू को नहीं मानने वाले लोग भले ही मन का एक वहम कहें, लेकिन इससे व्यक्ति में नकारात्मक शक्तियां उत्पन्न हो जाती है और उसे बुरी तरह से आहत पहुंचती हैं।

यह पूरी तरह से शैतानी शक्तियों द्वारा संचालित ऐसी विद्या है, जिसका उपयोग हर किस्म का नुकसान पहुंचाने, जैसे- आर्थिक क्षति, पारिवारिक शांति भंग, कारोबार-व्यापार में हानि, शारीरिक बीमारी या मानिसक विकृति, यहां तक कि मृत्यु तक के लिए किया जाता है। आईए, जानते हैं इसके काट यानी ऐसे प्रभाव से छुटकारा पाने के कुछ सरल उपाय, जो विभिन्न मंत्र-जाप, टोटके और साधनाओं से किए जाते हैं। 

काला जादू काटने का मंत्र
काला जादू काटने का मंत्र

मां काली की आराधनाः काले जादू से छुटकारे के लिए मां काली की आराधना और मंत्र जाप बहुत ही सटीक उपाय है। उनके मंदिर मंे किसी भी शनिवार को सुबह स्नान आदि कर स्वच्छ काले परिधान में जाएं और उनकी चरणों में सात लाल गुलाब के फूल श्रद्धाभाव के साथ अर्पित करें। घी के दीपक जलाएं।

उसके बाद वहीं बैठकर ऊँ क्रीं मंत्र का 108 बार जाप करें। जाप पूर्ण होने पर चढ़ाए गए सभी गुलाब के फूलों में से एक-एक पंखड़ियां घर ले आएं। उन्हें काला जादू से पीड़ित व्यक्ति को किसी खाने के सामग्री में मिलाकर खिला दें। इसक असर व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव से पता चलेगा। 

हनुमान चालीसाः काला जादू से पीड़ित व्यक्ति बिल्कुल ही असहाय और विक्षिप्त जैसी हरकतंे करने लगता है। उसे सामान्य करने के लिए उसके सामने हनुमान चालीसा का उच्चारण के साथ पाठ करें। यह पाठ प्रतिदिन सुबह-शाम तबतक करना चाहिए, जबतक कि वह व्यक्ति भी पाठ में साथ नहीं देने लगे।

याद रखें कि हनुमान चालीसा में अद्भुत शक्ति होती है, जो हर बुराई को जड़ से खत्म कर देती है और इस पाठ को सुनने वाला व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ मंदिर में जाकर हनुमान की प्रतिमा के सामने करने से तेजी से असर होता है।

गायत्री मंत्रजापः काल जादू से पीड़ित व्यक्ति के सामने बैठकर सुबह और शाम प्रतिदिन नीेचे दिए गए गायत्री मंत्र का जाप करें। इस जाप को रूद्राक्ष या स्फटिक की माला के साथ 108 बार करना चाहिए। माला नहीं होने की स्थिति मंे उंगलियों पर गिनकर भी जाप कर सकते हैं। अपने सामने घी का दीपक भी जलाएं और जाप आरंभ करने से पहले मां गायत्री का स्मरण करें। ध्यान रहे जाप शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण के साथ किया जाना चाहिए। वह मंत्र. इस प्रकार हैः-

ऊँ भुर्भुव स्वः तत्स वितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धी मही धीयो यो न प्रचोदयात स्वाह!

दो नींबू का टोटकाः किसी शनिवार को दो नींबू लें। उन्हें बीच से काट दें। कटे स्थान पर नमक और राई लगाकर उन्हें फिर से जोड़ दें। काला जादू से प्रभावित व्यक्ति के सिर पर उससे पांच-सात बार घुमाएं, यानी वार करें।

रात्री के करीब 11 से 12 बजे के बीच  किसी चैराहे पर जाकर उन कटे नींबूओं को चारो दिशाओं में फेंक दें। इस प्रयोग को लगातार अगले शनिवार तक करें। इस तरह से पाएंगे कि प्रयोग के आठ दिन पूरा होते-होते काला जादू से पीड़ित व्यक्ति नकारात्मक शक्तियों से मुक्त हो जाएगा।

शाबर मंत्र जापः काला जादू से काट के लिए निम्नलिखित शाबर मंत्र का जाप करने से अच्छा परिणाम मिलता है। इसके लिए किसी तरह के पूजन सामग्री की जरूरत नहीं होती है। जो प्रत्येक शनिवार को प्रातः और संध्या के समय 21 बार करना चाहिए।  इसके प्रयोग के लिए राई के 16 दानें लें।

साथ में सेंधा या समुद्री नमक के तीन, पांच या सात टुकड़े रखें। पूजा करने वाली दिशा में मुंह कर बैठ जाएं और राई और नमक को मुट्ठी में बंद कर मंत्र जाप प्रारंभ करें। हर जाप के बाद उस फूंक मारें। कम से कम सात या अधिक से अधिक 21 जाप के बाद मुट्ठी को अपने सिर और सीने से सामने लाकर सात बार घुमाते हुए सामने जलती आग में डाल दें। जाप का वह मंत्र इस प्रकार हैः-

ऊँ नमो आदेश गुरु का, एक ठौं सरसों सोला राई!

मोरो पठवल कोरो जाय, जे करै ते मरै, उलट विद्या ताहि पै पढ़ै!

शब्द सांचा पिण्ड कांचा, फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा, दुहाई श्री…. क्रीं!!

 

गृह क्लेशः काला जादू का प्रयोग गृह क्लेश पैदा करने के लिए भी किया जाता है, जिससे घर-परिवार में अशांति फैल जाती है। इससे मुक्ति के लिए शनिवार के दिन पीले नींबू का प्रयोग करें। जिस व्यक्ति पर काला जादू का असर दिखता है उसके सिर पर 21 बार नींबू को घुमाएं। उसके बाद उस नींबू को संभाल कर रखें और उसी दिन सबसे छिपाते हुए किसी चैराहे पर रख आएं। नींबू को रखकर लौटते वक्त पीछे की ओर मुड़कर नहीं देखें।

मानसिक अस्वस्थताः काला जादू के प्रभाव से यदि किसी व्यक्ति में मानसिक स्वस्थता आ जाए तो उसे दूर करने के लिए केसर, जावित्री और गूगल मिलाकर गाय के उपले पर जलाएं। इनके जलने से निकलने वाला धुंआ और गंध पीड़ित व्यक्ति को स्वस्थ कर देगा। इस धूप को घर के कोने-कोने में फैलने दें, ताकि इसका असर लंबे समय तक बना रहे।

गौमूत्र और गंगाजलः काला जादू के काट के लिए लिए गौमूत्र और गंगा जल का उपयोग किया जा सकता है। यह प्रयोग घर में शांति कायम करने के लिए किया जाना चाहिए। इसका पीड़ित व्यक्ति के हाथों द्वारा घर के कोने-कोने मंे छिडकाव किया जाना चाहिए। इसके साथ ही घर के एक कोने में तुलसी का पौधा भी लगाएं और उसमें प्रातः स्नान के बाद उसके सामने सूर्य को अध्र्य दें। 

दीपावली की रात टोटकाः काला जादू को दीपावली की रात एक टोटका से बेअसर किया जा सकता है। शुद्ध घी या सरसों तेल का दीपक जलाएं। दीपक की लौ को किसी छोटे से बर्तन में इकट्ठा कर लें। जमा कालिख का काजल बनाएं और उसे काला जादू से पीड़ित व्यक्ति की आंखों में लगाएं।

एक कटोरी चावलः काला जादू से मुक्ति के लिए एक कटोरी चावल किसी भिखारी को दान दें। इसी दिन भगवान गणेश को एक सुपारी चढ़ाएं। ऐसा एक सप्ताह तक अवश्य करें।

अशोक का पत्ताः शनिवार के दिन अशोक वृ़क्ष का सात पत्ता सुबह के समय तोड़ लाएं और उन्हें अपने पूजा घर में रख दें। उसके सूखने पर पीपल के पेड़ के नीचे जाकर रख दें। ऐसा सात दिनों तक करें। इस उपाय से काला जादू से मुक्ति मिलेगी।  

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